Saturday, 30 December 2017

आपके लिए कैसा रहेगा आने वाला साल

आपके लिए कैसा रहेगा आने वाला साल

2018 का राशिफलImage result for rashifal 2018

नए साल से सभी को नई उम्मीदे हैं। यह एक नई शुरुआत की तरह है। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि आने वाले 365 दिन के लिए आपके सितारे क्या कह रहे हैं। चंडीगढ़ की एस्ट्रोलॉजर मनीषा कौशिक बता रही हैं 

मेष (21 मार्च -20 अप्रैल)

मेष राशि वालों के लिए साल सुनहरे अवसरों के साथ शुरू हो रहा है। जनवरी-फरवरी उत्साहवर्धक रहेंगे। मनचाही यात्रा के योग बनेंगे। जो लोग लंबे समय से प्रॉपर्टी खरीदना चाहते थे, उनकी ये मुराद साल के शुरू में पूरी हो जाएगी। व्यवसाय संबंधित किसी बदलाव का संकेत नहीं है। साल के आखिर में करियर से जुड़ा सुनहरा मौका मिल सकता है जिसमें धन लाभ भी दोगुना होगा। प्रेम संबंध में साल भर उतार-चढ़ाव रहेगा, हालांकि संबंध बना रहेगा और साल के अंत में मजबूत हो जाएगा। परिवार हर फैसले में आपके साथ है। उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने की इच्छा रखने वालों के सपने साकार होंगे।

वृष (21 अप्रैल -20 मई)
वृष राशि वालों के करियर के लिए नया मील का पत्थर साबित होगा। कई सुनहरे अवसर मिलेंगे। सफलता कदम चूमेगी। साल का मध्य भाग्यशाली रहेगा। नौकरीपेशा लोगों, कारोबारियों और छात्रों को विशेष सफलता मिल सकती है। परिवार के साथ सुखद समय बिताएंगे। सामाजिक स्तर पर रुतबा बढ़ेगा। आपसी विश्वास और सहजता के सहारे संबंधों में मजबूती आएगी। साल भर आप नेटवर्किंग में व्यस्त रहेंगे जिससे भविष्य में लाभ मिलेगा। प्रेम संबंध में सफलता मिलेगी। अगस्त-सितंबर में विदेश यात्रा का मौका मिलेगा। अपनी और अपनों की सेहत का ध्यान रखें। किसी की चिकनी-चुपड़ी बातों में आकर चालू स्कीमों में पैसा ना फंसाएं। पहले से किए निवेश मामूली लाभ देंगे। अक्टूबर-नवंबर में रीयल इस्टेट में धन लगाने से बचें। धन के फंसने के योग हैं।
शुभ महीने -जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर

मिथुन (21 मई -21 जून)
मिथुन राशि वालों के लिए कई सकारात्मक बदलाव इंतजार कर रहे हैं। करियर में तरक्की के योग हैं। ऑफिस का माहौल अनुकूल बना रहेगा। रसूखदार लोगों के साथ संबंध बनाकर रखना आपकी ताकत है। मई-जून के महीने ट्रेडिंग, बैंकिंग, इंश्योरेंस और हेल्थ सेक्टर से जुड़े लोगों के लिए विशेष फलदायी हैं। सेहत की चिंता बनी रहेगी। मौसमी बीमारियों से अक्सर जूझने वालों को राहत मिलेगी। जीवन में प्यार के फूल खिल सकते हैं। जीवनसाथी की तलाश पूरी होगी। साल के आखिरी महीने प्रॉपर्टी से जुड़ी खुशखबरी ला सकते हैं। अगर किराए पर रहते हों तो अपने घर में शिफ्ट होने का भाग्यशाली समय है।
शुभ महीने - जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर

कर्क (22 जून दृ 22 जुलाई)
कर्क राशि वाले रोलर कोस्टर राइड के लिए तैयार हो जाएं। साल की शुरुआत और मध्य में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि साल के आखिर तक आप खोई बाजी जीत जाएंगे। मेहनत करते रहें, फल जरूर मिलेंगे। वर्दीधारी लोगों को प्रमोशन मिलने के योग बने हुए हैं। अच्छी सेहत का आनंद उठाएंगे। फरवरी से जून के महीने सेहत के लिए थोड़े प्रतिकूल हैं, सावधान रहें। प्रेम संबंध से जुड़े मतभेद हो सकते हैं जिन्हें आप बखूबी संभाल पाएंगे। आपका सादा रवैया आपको हर परेशानी से जूझने में मदद करेगा। जीवनसाथी आपकी काम से जुड़ी व्यस्तताओं से परिचित हैं और आपको भरपूर सहयोग दे रहे हैं। मई-जून में परिवार के साथ छुट्टियां मनाने का मौका मिलेगा। साल के आखिर में कोई जोखिमभरी स्कीम या रीयल इस्टेट में निवेश करने से बचें।
शुभ महीने - मार्च, अप्रैल, नवंबर और दिसंबर

सिंह (23 जुलाई दृ 23 अगस्त)
सिंह राशि वालों के लिए 2018 मनोकामनाएं पूरी करने का साल रहने वाला है। साल की शुरुआत और अंत दोनों ही अत्यंत भाग्यशाली हैं। प्राइवेट सेक्टर में काम करने वालों के लिए प्रमोशन मिलने की संभावना बनी हुई है। कुछ लोगों को नौकरी बदलने के मौके भी मिल सकते हैं। सैलेरी बढ़ने के योग हैं। कई बार यात्रा करने के अवसर मिलेंगे। साल भर सेहत साथ निभाएगी। किसी से मुलाकात होगी और पहली ही नजर में प्यार हो सकता है। संतान प्राप्ति का सुख मिलेगा। जुलाई और अक्टूबर में पैसे के लिए हाथ कसना पड़ सकता है। ऐसा करने से आप अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार ला सकेंगे। जल्दबाजी में निवेश से जुड़े किसी नतीजे पर ना पहुंचे। सही समय का इंतजार करें। आपमें से कुछ किसी एनजीओ से जुड़ जरूरतमंदों की मदद कर सकते हैं। इससे जीवन में प्राप्त होने वाला संतोष अतुलनीय होगा।
शुभ महीने -जनवरी, जुलाई, अगस्त और सितंबर

कन्या (24 अगस्त - 23 सितंबर)
व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन की गाड़ी सुचारू रूप से चल रही है। पारिवारिक जीवन में भरपूर संतोष बना रहेगा। वैवाहिक जीवन में भरपूर प्रेम है। अगस्त से अक्टूबर के महीने कारोबारियों के लिए मुनाफे के महीने रहेंगे। नौकरीपेशा लोगों की मेहनत रंग लाएगी। सालभर चुस्त दुरुस्त रहेंगे लेकिन मौसमी बीमारियों से बचकर रहने की जरूरत है। महंगी गाड़ी या घर के लिए कोई महंगा सामान खरीद सकते हैं। छात्रों को सही सलाह मिलेगी और उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। ये आत्मविश्वास उनके भविष्य को संवारने में मदद करेगा। निवेश कई गुना फायदा दे सकता है। इस धन को चल और अचल संपत्ति में तब्दील करेंगे। पासपोर्ट और यात्रा संबंधी अतिरिक्त दस्तावेज तैयार रखें, कभी भी विदेश यात्रा का मौका मिल सकता है।
शुभ महीने -मार्च, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर

तुला (24 सितंबर दृ 23 अक्टूबर)
तुला राशि वालों के लिए धन लाभ के योग बने रहेंगे। काम में जम जाएंगे और अप्रैल-मई के महीनों में कमाई भी अच्छी होने लगेगी। कॉरपोरेट में काम करने वालों को सम्मानित किया जा सकता है। जीवनसाथी की खोज पूरी होगी। जो सिंगल हैं उनके लिए विवाह के प्रबल योग बने हुए हैं। अगस्त में किसी से पहली ही नजर में प्यार हो सकता है। सेहत की तरफ से चिंतामुक्त रहेंगे। कोई परेशानी नहीं दिखाई दे रही है। कुछ लोग हेल्थ ग्रुप्स ज्वाइन कर सकते हैं। ऐसा करने से साल पर फिटनेस को लेकर उत्साहित रहेंगे। अध्यात्म की तरफ रुझान बना रहेगा। मेडिटेशन सीख सकते हैं। देश के सभी रंग देखने का मौका मिलेगा। सालभर यात्रा के सुखद योग बने हुए हैं।
शुभ महीने - अप्रैल, मई, जून और जुलाई

वृश्चिक (24 अक्टूबर -22 नवंबर)
वृश्चिक राशि वालों के लिए मिला-जुला समय है। पिछले साल करियर में की गई अगुआई अब फल देने के लिए तैयार है। सफलता पाने के लिए लगातार कोशिश करते रहें। अपनी काबिलियत और कार्यकुशलता को और निखारने की जरूरत है ताकि वो दूसरों की नजर में आए। नामुमकिन से लग रहे काम आपको अपने पहुंच के अंदर लगने लगेंगे। इन कामों के लिए आपको सराहा जाएगा। नई-नई नौकरी पाने वालों को सितंबर में अच्छी सैलेरी के साथ नौकरी मिलने के योग हैं। लाइफ स्टाइल डिस्आर्डर को भली भांति काबू कर पाएंगे। योग और ध्यान लगाने से बेवजह चिंता और जरूरत से ज्यादा सोचने की आदत से छुटकारा मिलेगा। धन को बचाकर चलेंगे लेकिन थोड़ा शेखी बघारने में भी कोई हर्ज नहीं है। आखिर जिंदगी एक ही बार मिलती है तो क्यूं ना जिंदादिली से जी जाए। जून या दिसंबर के महीने में कोई अचनाक से दिल में उतर सकता है।
शुभ महीने - अप्रैल, मई, जून और नवंबर

धनु (23 नवंबर दृ 21 दिसंबर)
धनु राशि वालों के लिए 2018 भाग्यशाली रहने वाला है। कामकाज हो या निजी जीवन, अनुकूल परिस्थितयां बनी हुई हैं। सैलेरी बढ़ने, प्रमोशन मिलने और मनचाहे तबादले के योग बने हुए हैं। सीनियर आपसे बहुत प्रभावित होंगे। छात्रों का प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन उनके आत्मविश्वास को और बढ़ाएगा। उच्च शिक्षा से संबंधित जानकारी के लिए काउंसलर की सलाह लें। घर परिवार में सुख और सुकून बना हुआ है। पैसे की तंगी धीरे धीरे कम हो जाएगी क्यूंकि आप धन को सुचारू रूप से चला पाएंगे। गृहणियां साल के मध्य में घर की मरम्मत का इरादा बनाएंगी। अपने चंचल स्वभाव को काबू करेंगे तो अपने पार्टनर के साथ मधुर संबंध का आनंद उठा पाएंगे। सितंबर और दिसंबर में सेहत को लेकर सावधान रहें। खान-पान में परहेज करें। नियमित कसरत करना वरदान साबित हो सकता है।
शुभ महीने -फरवरी, जुलाई, अगस्त और सितंबर

मकर (22 दिसंबर -22 जनवरी)
2018 में मकर राशि वालों का चमक ही अलग होने वाली है। आपकी प्रतिभाओं को सही पहचान मिलेगी। आपके लिए आगे बढ़ने के रास्ते खुलेंगे। सामाजिक स्तर पर रसूखदार लोगों की संगत में आएंगे। इससे आपको कारोबार के विस्तार में मदद मिलेगी। बच्चे आपको गर्व करने की वजह देंगे। जो जातक पहली बार नौकरी खोज रहे हैं उन्हें जुलाई से अक्टूबर में अच्छा ब्रेक मिलने के योग हैं। आर्थिक स्थिति सुधरने लगेगी। आपके निवेश कई गुना मुनाफा देंगे। सेहत की लापरवाही महंगी पड़ सकती है। नियमित कसरत करना आपके हित में रहेगा। आपके दोस्त आपको फिटनेस के लिए प्रोत्साहित करेंगे। सामाजिक कर्तव्य निभाने होंगे। कौन किसके संपर्क में है, ये जान लें। कभी भी किसी की जरूरत पड़ सकती है।
शुभ महीने -मई, जून, नवंबर और दिसंबर

कुंभ (22 जनवरी दृ 19 फरवरी)
कुंभ राशि वालों के लिए जीवन में नया मोड़े आने वाला है। साल की शुरुआत जीवन के हर क्षेत्र के लिए आनंदमयी रहने वाली है। आपका साइड बिजनेस सबकी नजर में आने लगेगा और आप मुनाफा कमाने लगेंगे। साल का आखिर छात्रों के लिए अहम होगा। उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं में विशेष सफलता मिलने के योग हैं। अपनी तैयारी जमकर करें। किसी प्रभावशाली  यक्ति का साथ रीयल इस्टेट की किसी डील में खासा फायदा करवाएगा। साल भर तंदुरुस्ती का मजा लेंगे। आप दूसरों के लिए फिटनेस का उदहारण बनने वाले हैं। लोग आपसे प्रेरणा लेंगे। रोमांस के लिए बेहतरीन साल होगा। दोस्ती धीरे धीरे में प्यार में बदल सकती है। भरोसे के बल पर प्रेम परवान चढ़ेगा। कारोबारियों के लिए धन लाभ और समृद्धि के योग बने हुए हैं। मार्च-अप्रैल में रुटीन के कामों से ब्रेक लेकर कहीं घूमने जाएं। ऐसा करने से जीवन में खोई हुई एनर्जी लौट आएगी।
शुभ महीने -मार्च, अप्रैल, सितंबर, अक्टूबर और नवंबर

मीन (20 फरवरी दृ 20 मार्च)
मीन राशि वालों के लिए आगे बढ़ने के रास्ते खुलेंगे। मई में कोई नया काम शुरु करेंगे। साल के आखिर तक इस काम के परिणाम मिलने लगेंगे। कामकाज को लेकर दृढ़निश्चयी होंगे और अपनी जिम्मेदिरयों को बखूबी निभा पाएंगे। प्रमोशन के योग बने हुए हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में जीत हासिल होगी। परिजनों को अहम फैसले लेने में मदद करनी होगी। जीवनसाथी की मदद करें, उनकी उम्मीदों पर खरा उतरें। घर के लिए कुछ नया खरीदेंगे। आपकी फिटनेस जबरदस्त बनी रहेगी। इस मामले में लोग आपसे प्रेरणा लेंगे। रोमांटिक लाइफ में झटका लग सकता है। सितंबर के महीने में संबंध में सुधार होगा। यात्रा के योग बने हुए हैं। यात्रा कामकाज या फिर छुट्टी मनाने के मकसद से कर सकते हैं।

नलवाया ने फिर जीता गोल्ड मेडल

नलवाया ने फिर जीता गोल्ड मेडल

सलूम्बर। राजस्थान के बांदीकुई के सुहाना रिसोर्ट में 23 वी राजस्थान राज्य बेंच प्रेस पॉवर लिफ्टिंग प्रतियोगिता आयोजित हुई। जिसमें 74 किलो मास्टर टू वर्ग में नगर के सोहन नलवाया ने 102.5 किलो वजन उठा कर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। नगर में पहुचने पर नलवाया को बधाई दी गयी।

‘समय किरण’ दिनदर्षिका 2018 का विमोचन

‘समय किरण’ दिनदर्षिका 2018 का विमोचन 


सलूम्बर। क्षैत्र के एक मात्र ‘समय किरण’ साप्ताहिक समाचार पत्र द्वारा क्षैत्रिय तीज-त्यौहारों के बहुरंगीय चित्रों के साथ 2018 के दिन दर्षिका (केलेण्डर) का प्रकाषन किया गया है। जिसका शक्रवार समय किरण संरक्षक व हाड़ारानी प्रेस क्लब अध्यक्ष बिहारी लाल पुरोहित तथा संरक्षक मनोहरलाल भावसार द्वारा दिन दर्षिका का विमोचन किया गया।
केलेण्डर डिजाईनर नरोत्तम पुरोहित ने बताया कि 12 पृष्ट की दिन दर्षिका में क्षैत्र के तीज-त्यौहारों के बहुरंगीय चित्र, हिन्दी मास, तीज-त्यौहारो की तिथियां, मुहुर्त, राजकीय अवकाष आदि प्रकाषित किये गये है। नवीन लौहार ने बताया कि दिन दर्षिका के प्रकाषन में लवकुष षिक्षण संस्थान के लव कुमार व्यास, मोरल एकेडमी की प्रेक्षा चैाधरी, श्री सांवरिया होण्डा गींगला के अम्बालाल कलाल, भारतीय जीवन बिमा निगम अभिकर्ता महेन्द्र कुमार कलाल, ज्योति व्यास, महावीर नमकीन एण्ड राज स्वीट्स के अषोक कुमार सेठ, दक्ष स्टडी सेन्टर के बी.आर. यादव ने सहयोग प्रदान किया।

काषी षिवपुरी आश्रम में ‘‘अमृत महोत्सव’’ प्रारंभ

काषी षिवपुरी आश्रम में ‘‘अमृत महोत्सव’’ प्रारंभ

सलूम्बर। काषी षिवपुरी धाम ईंटालीखेडा से जुडे क्षैत्र के साधक आदि सुगंधेष्वरानंद प्रभु बा को ताईजी के नाम से ही जानते व पुकारते है। ईंटालीखेडा में ही 25 मई 1943 को प्रभु बा का जन्म हुआ। माता नाथी बाई व पिता रामेष्वर पाण्डे की कोख से जन्मी इस कन्या का जन्म नाम कल्पना रखा गया। पारिवारिक व्यवसाय, रोजगार आदि के चलते बाल्यकाल येवतमाल महाराष्ट्र में गुजरा। ईंटालीखेडा के ही त्रिवेदी परिवार में विवाह हुआ। पुत्र की बीमारी के चलते अध्यात्म व संतों में रूचि जगी। पति के साथ 7 जनवरी 1974 को पूणे में योगीराज वामन दत्तात्रेय गुलवणी महाराज से दीक्षा ली। प्रभु बा के सान्निध्य में 9 मई 1980 को ईंटालीखेडा में दत्त मंदिर की स्थापना की गई। अब तक 500 सामुहिक साप्ताहिक अखंड जाप कराए जा चुके है।
तहसील के ईण्टालीखेडा स्थित काषी षिवपुरी आश्रम में अमृत महोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार को अखण्ड नाम जप साप्ताहिकी के साथ हुआ। एकता ध्यान योग एवं सेवा ट्रस्ट के संयोजक विनय त्रिवेदी ने बताया कि गुरूदेव परम पुज्य राजयोगी ‘प्रभु बा’ के 75 बसंत पूर्ण होने के उपलक्ष्य में वासुदेव कुटुम्ब एंव समस्त षिव केन्द्र के तत्वावधान में काषी षिवपुरी आश्रम ईण्टालीखेडा में 29 दिसम्बर से 7 जनवरी 2018 तक अमृत महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

प्रतिदिन होंगे रात्रीकालीन कार्यक्रम
ट्रस्ट सुत्रानुसार अमृत महोत्सव में रात्रीकालिन कार्यक्रम की श्रंखला में 31 दिसम्बर को विराट भजन संध्या, 1 जनवरी को महालक्ष्मी म्युजिकल गु्रप द्वारा रिया गुप दिल्ली के कलाकारो द्वारा विभिन्न प्रकार की आध्यात्मिक झांकियों की प्रस्तुति दी जायेगी। 2 जनवरी से क्रमषः कवि सम्मेलन, देष के प्रसिद्व कव्वाल असलम शाबरी अपनी प्रस्तुति देंगे।

अवधेषानंदगिरी सहित कई संतों का मिलेगा सान्निध्य:

आयोजन में करीब आधा दर्जन प्रमुख संत-महंतों सहित कई साधु महात्मा शामिल होंगे। इसमें 6 जनवरी जुना अखाडा पीठाधीष्वर अवधेषानन्दगिरी महाराज का सानिध्य प्राप्त होगा। इससे पूर्व 5 जनवरी को ईंटालीखेडा में गांव में गाजे-बाजे के बीच पालकी यात्रा निकलेगी। जिसमें मेवाड महामंडलेष्वर रास बिहारीषरण दास, बेणेष्वर पीठाधीष्वर गोस्वामी अच्युतानंद महाराज, उत्तम स्वामी, रघुवीर महाराज तलवाडा, कथा वाचक पुष्करदास महाराज सहित प्रभु बा के संन्यास आश्रम देवास व गुरू आश्रम पूणे के मठाधीष सम्मिलित होंगे। विभिन्न झांकियों के बीच धुमधाम से गांव की परिक्रमा की जाएगी।

दीक्षा तिथि को होगा तुलादान:
संत परंपरा अनुसार दीक्षा तिथि को ही जन्म तिथि माना जाता है। प्रभु बा की दीक्षा तिथि 7 जनवरी 1974 है। जिसके चलते इसी दिन जन्मोत्सव व चैतन्य दिवस भी मनाया जाता है। इस बार आध्यात्मिक महत्व के तुलादान को लेकर काफी उत्साह है। प्रभु बा के बराबर वजन की तुलादान में शामिल सामग्री को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। हालांकि इसमें अधिकाधिक साधकों की भागीदारी सुनिष्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।

यह होंगे पूजानुष्ठान:
अमृत महोत्सव के तहत 29 दिसम्बर ओम नमो भगवते वासुदेवाय का संगीतमय अखंड नाम जप साप्ताहिकी शुरू हुई जो 4 जनवरी तक दिन रात चलेगी। अखण्ड नाम जप साप्ताहिकी, महारूद्र, स्वाहाकार, महायज्ञ आदि आचार्य पुरूषोत्तम लाडसांवगीकर के निर्देषन में होंगे।

Saturday, 23 December 2017

काषी षिवपुरी धाम में ‘अमृत महोत्सव’ 29 से

काषी षिवपुरी धाम में ‘अमृत महोत्सव’ 29 से
‘तुलादान सहित कई कार्यक्रम होंगे आयोजित
सलूम्बर। काषी षिवपुरी धाम ईण्टालीखेडा में 29 दिसम्बर से 7 जनवरी तक ‘अमृत महोत्सव’ का आयोजन होगा। जिसमें अखण्ड नाम जप साप्ताहिक सहित संत समागम एवं तुलादान कार्यक्रम आयोजित होंगे। एकता ध्यान योग एवं सेवा ट्रस्ट के विनय त्रिवेदी ने बताया कि परम पूज्य राजयोगी ‘प्रभु बा’ के 75 बसंत पूर्ण होने के उपलक्ष्य में षिवपुरी धाम ईण्टाली खेडा में अमृत महोत्सव 29 दिसम्बर 2017 से 7 जनवरी 2018 तक आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम में 29 दिसम्बर को अखण्ड नाम जप साप्ताहिकी, महारूद्र, स्वाहाकार, महायज्ञ आचार्य पुरूषोत्तम लाडसांवगीकर के सानिध्य में सम्पन्न होगा। ट्रस्ट के लव व्यास ने बताया कि रात्रीकालिन कार्यक्रम की श्रंृखला में 31 दिसम्बर को भजन संध्या, 1 जनवरी को महालक्ष्मी म्युजिकल गु्रप द्वारा रिया गु्रप दिल्ली के नेतृत्व में विभिन्न प्रकार की झांकीयों की प्रस्तुति सहित कवि सम्मेलन, भजन संध्या, सुन्दरकाण्ड, रात्री जागरण सहिम कई कार्यक्रम आयोजित होंगे।
महामण्डलेष्वर का मिलेगा सानिध्य
6 जनवरी दोपहर को संत समागम के कार्यक्रम में पीठाधीष्वर जुना अखाडा परम पुज्य अवधेषानन्दगिरी महाराज का सानिध्य प्राप्त होगा। वही 7 जनवरी को तुलादान, पुर्णाहुति, महाप्रसाद एवं चैतन्य दिवस आयोजित होगा।

शेबा की जिंदगी बर्बाद करने वाले को 10 साल कारावास

शेबा की जिंदगी बर्बाद करने वाले को 10 साल कारावास
सलूंबर में स्कुल संचालिका ने अपने सुसाईड नोट में लगाए थे चेतन पर आरोप
फाईल फोटो मृतका शेबा सेम्युअल व आरोपी चेतन मीणा
सलूंबर। नगर के बोहरवाडी में एक स्कुल संचालिका की आत्महत्या के मामले में यहां की कोर्ट ने शनिवार को फैसला दिया। जिसमें मृतका का सुसाईड नोट प्रमुख आधार रहा। एफएसएल से प्रमाणित सुनाईड नोट से आरोपी को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई गई। एडीजे कोर्ट के न्यायाधीष कैलाष चंद्र मिश्रा ने सविना उदयपुर निवासी शेबा सेम्युअल (19) पुत्री सीजे सेम्युअल की आत्महत्या के मामले में बावलवाडा थाना क्षैत्र के काईफला सारोली निवासी आरोपी चेतन मीणा पिता सवजी को दोषी माना। न्यायाधीष ने आरोपी को आईपीसी की धारा 306 के अपराध में 10 वर्ष के कठोर कारावास व 25 हजार रूपये अर्थदण्ड की सजा दी। अपर लोक अभियोजक नाहरसिंह चूंडावत ने 9 गवाह व 22 साक्ष्य दस्तावेज पेष किये। इसमें खुद को फांसी लगाने से पूर्व मृतका के हाथ का लिखा सुसाईड नोट अहम दस्तावेज रहा। पुलिस ने इसे एफएसएल से जांच कराकर मृतका की हस्तलिपि प्रमाणित कराई।
सुसाईड नोट में लिखा था: चेतन ने जिंदगी बर्बाद कर दी
स्कुल संचालिका शेबा ने 8 जुलाई 2014 की रात को अपने बोहरवाडी स्थित निजी स्कुल परिसर में आत्महत्या कर ली थी। अगले दिन सुबह मामले का पता

लगने पर पिता सीजे सेम्युअल और पुलिस मोके पर पहूंची। मृतका के पिता ने पुलिस को रिपोर्ट के साथ मौके से मिला सुसाईड नोट दिया था। जिसमें मृतका ने आरोपी चेतन पर प्रेम जाल में फांस कर जिंदगी बर्बाद कर देने की बातें लिखी गई थी। उसमें उसने चेतन से परेषान हो जाने की बात भी बताई थी। नोट में अपने पिता से माफी भी मांगी थी। जिसके आधार पर तत्कालीन थानाधिकारी हेरंब जोषी ने शुरूआती जांच में ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मृतका के पिता का उदयपुर में भी निजी स्कुल है। जहां पूर्व में चेतन चालक की नौकरी करता था।

सलूंबर जिले की मांग पर सीएम से मिले विधायक मीणा

सलूंबर जिले की मांग पर सीएम से मिले विधायक मीणा
मैडम ने नए जिलों की मांग पर ‘‘नो कमेंट्स’’ कहा
सलूंबर। प्रदेष के जनजाति उपयोजना क्षैत्र की परामर्षदात्री परिषद की बैठक गुरूवार को जयपुर में हुई। इस बैठक को लेकर जिला बनाओ संघर्ष समिति सहित सभी संगठनों व क्षैत्रवासियों को इंतजार था। क्योंकि गत दिनों प्रदेष में 5 नए जिलों के प्रस्ताव की खबरों में सलूंबर का नाम तक नहीं था। इस पर सरकार के 4 साल पूरे होने के मौके पर उदयपुर के गांधी ग्राउण्ड में आयोजित समारोह के दौरान एक प्रतिनिधि मंडल जन प्रतिनधियों से मिला था। जिसने गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, सांसद अर्जुनलाल मीणा, विधायक अमृतलाल मीणा आदि से भंेट की थी। सांसद व विधायक ने तब प्रतिनिधि मंडल को आष्वासन दिये थे। जिसमें उन्होंने उक्त बैठक में सलूंबर को टीएसपी जिला बनाने की मांग प्रमुखता से रखने के आष्वासन दिए थे। सीएम वसुंधरा राजे की मौजुदगी में हुई इस अहम बैठक में विधायक मीणा ने सलूंबर जिले की मांग का जिक्र तक नहीं किया। बताया गया कि सांसद मीणा तो उक्त बैठक में गए ही नहीं।
       ‘‘जयपुर में गुरूवार को हुई उक्त बैठक में जिलों पर चर्चा नहीं हुई। इस पर उन्होंने मैडम से अलग से मुलाकात की। जिसमें सलूंबर जिले मांग दोहराई। गत दिनों प्रतिनिधि मंडल द्वारा दिए गए ज्ञापन व दस्तावेज आदि सीएम को प्रदान किये। मैडम ने नए जिलों पर ‘‘नो कमेण्ट्स’’ कहा है। - अमृतलाल मीणा, विधायक सलूंबर

Monday, 18 December 2017

गुजरात चुनाव 2017 में बीजेपी की जीत पर सलूम्बर भाजपाइयों में खुशी की लहर

गुजरात व हिमाचल में भारतीय जनता पार्टी की चुनावी जीत की ख़ुशी में सलूम्बर भाजपाइयों में खुशी की लहर । आतिशबाज़ी के साथ बांटी मिठाईया।
देखे तस्व



सलूम्बर बस स्टैंड पर आतिशबाजी करते कार्यकर्ता

Salumber Zila

सलूंबर जिला: जायज मांग है या चुनावी मुद्दा!
राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर उठ रहे सवाल

विषेष संपादकीय: बी.एल. पुरोहित
मेवाड के स्वर्णिम इतिहास का महत्वपूर्ण ठिकाना सलूंबर आज अपने मजबुत राजनीतिक प्रतिनिधित्व को तरस सा रहा है। यहां हमने कडी से कडी जोडकर भी देख ली। लेकिन हालात और भी चिंताजनक हुए लग रहे है। प्रदेष सरकार के 4 साल पूरे कहे या चुनावी वर्ष, हम इसी दौर से गुजर रहे है। हाल ही सीएम वसुंधरा ने प्रदेष में 5 नये जिलों का मानस बनाया है। इसे लेकर गत दिनों मिडिया में खबरें भी प्रकाषित हुई। हालांकि नए जिलों की अधिकृत घोषणा नहीं हुई लेकिन इन जिलों में सलूंबर का नाम गायब है। जबकि तीन दषक से ज्यादा समय से सलूंबर की यह सबसे बडी मांग बनकर उभरा है। जनजाति बाहुल्य क्षैत्र के इस मुख्यालय की यह जायज मांग है।

लेकिन क्या वाकई यह मांग जायज है! हाल के दिनों के घटनाक्रम से इस मांग पर सवालिया निषान लग गए है। जबकि इस मांग को लेकर यहां की जनता ने शायद अब तक उतना तो किया ही है जितना किया जा सकता था। किंतु फिर भी जिले की दौड में प्रदेष में अव्वल माने जाने वाले सलूंबर को अपना हक नहीं मिल पा रहा है, गत दिनों आई नए जिले की खबरों पर मुहर लगती है तो आषंका है कि सलूंबर को जिलो की दौड से ही बाहर कर दिया जाए।

नगर पालिका, पंचायत समिति, विधानसभा, लोकसभा चुनाव में भाजपा को चुनते हुए लोगों ने विकास की कडी जोडी है। फिर जिले की दौड में सलूंबर हारा, थका क्यों नजर आ रहा है। बात केवल अधिकृत घोषणा पर अटकी है जो सरकार कभी भी करके चैका सकती है, जैसा कि सरकार करती भी आई है। तो अब कहां है वह भाषण, वक्तव्य, घोषणाएं, वादं, आष्वासन देने वाले हमारे प्रतिनिधि, कोई बोल क्यूं नहीं रहा। क्या बोले, क्यों बोले! क्या हमारे जनप्रतिनिधियों के लिये भी ‘सलूंबर जिला’ एक जायज मांग नहीं केवल एक चुनावी मुद्दा बन चुका है। यही कारण है कि जिले के लिए आंदोलन, मुहिम तो विभिन्न संगठन समय-समय पर चलाते आए है लेकिन हमारे नेताओं ने इनसे दूरी बनाए रखने का ही प्रयास किया। जबकि चुनावों में हमारे जनप्रतिनिधि ही इसे चुनावी मुद्दा बनाकर बयानवीर बन अपना काम निकाल लेते है। कमोबेष यही रवैया विपक्षी कांग्रेस का भी रहा है। यह साफ लग रहा है कि हमारे चुने गए प्रतिनिधि हमारी जायज मांग को लेकर गंभीर नहीं है। जिन्हें हमने मत, समर्थन व बहुमत ही नहीं स्पष्ट जनमत दिया है। इसके बावजुद आज सलूंबर कई मुद्दों, मुख्यतः जिले की घोषणा में पिछडता दिख रहा है। बेषक! मजबुत राजनीतिक प्रतिनिधित्व की कमी है। हमारे नेताओं, जनप्रतिनिधीयो को यह स्पष्ट रूप से सोच लेना चाहिए की जिन मुद्दो, वादों का लंबे समय से केवल चुनावी दोहन किया है अगर उन्हें पुनः चुनाव में लेकर उतरे तो जनता इस बार उनसे सवाल करे या नहीं करे लेकिन वोट के रास्ते जवाब जरूर देगी यह तय है।
सीएम की जल स्वावलंबन योजना का हो रहा उल्लंघन
सैरिंग तालाब पेटे में वापस डाला जा रहा है मलबा

सलूंबर। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की फ्लेगषीप योजनाओं में शामिल जल स्वावलंबन योजना का मुख्यालय पर भारी उल्लंघन हो रहा है। राज्य सरकार इस योजना के तहत करोड़ो का बजट खर्च कर पुराने जलाषयों के संरक्षण, संवर्धन के साथ ही छोटे-छोटे नये जलाषयों से प्रदेष की तस्वीर बदलने में जुटी है। जबकि यहां के सैरिंग तालब पेटे में अवैध रूप से भराव डालकर इसे पाटा जा रहा है। बताया गया कि हाल ही जलसंसाधन विभाग ने तालाब का पानी कम किया है। जिसका नाजायज फायदा उठाकर धार्मिक व सार्वजनिक हितों के नाम पर कतिपय लोग तालाब के किनारों पर मिट्टी डालकर भराव क्षमता को पाटने का मामला सामने आया है। संबंधित विभाग को षिकायत मिलने पर अधिकारियों ने मौका निरीक्षण किया।

पूर्व में डाला गया मलबा भी नही हटाया

साल 2014 में नगर पालिका द्वारा नियम विरूद्ध सेरींग तालाब में रिंग रोड़ निर्माण का काम शुरू किया गया था। जिसके चलते कई टन मलबा तालाब पेटे में डाल दिया गया। इसकी भनक पर्यावरण प्रेमियों को लगी तो उच्चाधिकारियों को षिकायत की गई। जिस पर जिला कलेक्टर ने तत्कालीन तहसीलदार को रिंग रोड निर्माण रूकवाने तथा डाले गए मलबे को वापस हटाने के आदेष दिए थे। जिस पर स्थानीय प्रषासन ने रिंग रोड का काम तो रूकवा दिया लेकिन तब से मलबा तालाब पेटे में ही पडा है। इसे लेकर नगरवासीयों में प्रषासन के प्रति रोष भी व्याप्त है। तालाब को संरक्षित करने के लिए इसके सीमांकन की मांग की है।

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