सीएम की जल स्वावलंबन योजना का हो रहा उल्लंघन
सैरिंग तालाब पेटे में वापस डाला जा रहा है मलबा
सलूंबर। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की फ्लेगषीप योजनाओं में शामिल जल स्वावलंबन योजना का मुख्यालय पर भारी उल्लंघन हो रहा है। राज्य सरकार इस योजना के तहत करोड़ो का बजट खर्च कर पुराने जलाषयों के संरक्षण, संवर्धन के साथ ही छोटे-छोटे नये जलाषयों से प्रदेष की तस्वीर बदलने में जुटी है। जबकि यहां के सैरिंग तालब पेटे में अवैध रूप से भराव डालकर इसे पाटा जा रहा है। बताया गया कि हाल ही जलसंसाधन विभाग ने तालाब का पानी कम किया है। जिसका नाजायज फायदा उठाकर धार्मिक व सार्वजनिक हितों के नाम पर कतिपय लोग तालाब के किनारों पर मिट्टी डालकर भराव क्षमता को पाटने का मामला सामने आया है। संबंधित विभाग को षिकायत मिलने पर अधिकारियों ने मौका निरीक्षण किया।
पूर्व में डाला गया मलबा भी नही हटाया
साल 2014 में नगर पालिका द्वारा नियम विरूद्ध सेरींग तालाब में रिंग रोड़ निर्माण का काम शुरू किया गया था। जिसके चलते कई टन मलबा तालाब पेटे में डाल दिया गया। इसकी भनक पर्यावरण प्रेमियों को लगी तो उच्चाधिकारियों को षिकायत की गई। जिस पर जिला कलेक्टर ने तत्कालीन तहसीलदार को रिंग रोड निर्माण रूकवाने तथा डाले गए मलबे को वापस हटाने के आदेष दिए थे। जिस पर स्थानीय प्रषासन ने रिंग रोड का काम तो रूकवा दिया लेकिन तब से मलबा तालाब पेटे में ही पडा है। इसे लेकर नगरवासीयों में प्रषासन के प्रति रोष भी व्याप्त है। तालाब को संरक्षित करने के लिए इसके सीमांकन की मांग की है।
सैरिंग तालाब पेटे में वापस डाला जा रहा है मलबा
सलूंबर। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की फ्लेगषीप योजनाओं में शामिल जल स्वावलंबन योजना का मुख्यालय पर भारी उल्लंघन हो रहा है। राज्य सरकार इस योजना के तहत करोड़ो का बजट खर्च कर पुराने जलाषयों के संरक्षण, संवर्धन के साथ ही छोटे-छोटे नये जलाषयों से प्रदेष की तस्वीर बदलने में जुटी है। जबकि यहां के सैरिंग तालब पेटे में अवैध रूप से भराव डालकर इसे पाटा जा रहा है। बताया गया कि हाल ही जलसंसाधन विभाग ने तालाब का पानी कम किया है। जिसका नाजायज फायदा उठाकर धार्मिक व सार्वजनिक हितों के नाम पर कतिपय लोग तालाब के किनारों पर मिट्टी डालकर भराव क्षमता को पाटने का मामला सामने आया है। संबंधित विभाग को षिकायत मिलने पर अधिकारियों ने मौका निरीक्षण किया।
पूर्व में डाला गया मलबा भी नही हटाया
साल 2014 में नगर पालिका द्वारा नियम विरूद्ध सेरींग तालाब में रिंग रोड़ निर्माण का काम शुरू किया गया था। जिसके चलते कई टन मलबा तालाब पेटे में डाल दिया गया। इसकी भनक पर्यावरण प्रेमियों को लगी तो उच्चाधिकारियों को षिकायत की गई। जिस पर जिला कलेक्टर ने तत्कालीन तहसीलदार को रिंग रोड निर्माण रूकवाने तथा डाले गए मलबे को वापस हटाने के आदेष दिए थे। जिस पर स्थानीय प्रषासन ने रिंग रोड का काम तो रूकवा दिया लेकिन तब से मलबा तालाब पेटे में ही पडा है। इसे लेकर नगरवासीयों में प्रषासन के प्रति रोष भी व्याप्त है। तालाब को संरक्षित करने के लिए इसके सीमांकन की मांग की है।

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