Saturday, 23 December 2017

शेबा की जिंदगी बर्बाद करने वाले को 10 साल कारावास

शेबा की जिंदगी बर्बाद करने वाले को 10 साल कारावास
सलूंबर में स्कुल संचालिका ने अपने सुसाईड नोट में लगाए थे चेतन पर आरोप
फाईल फोटो मृतका शेबा सेम्युअल व आरोपी चेतन मीणा
सलूंबर। नगर के बोहरवाडी में एक स्कुल संचालिका की आत्महत्या के मामले में यहां की कोर्ट ने शनिवार को फैसला दिया। जिसमें मृतका का सुसाईड नोट प्रमुख आधार रहा। एफएसएल से प्रमाणित सुनाईड नोट से आरोपी को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई गई। एडीजे कोर्ट के न्यायाधीष कैलाष चंद्र मिश्रा ने सविना उदयपुर निवासी शेबा सेम्युअल (19) पुत्री सीजे सेम्युअल की आत्महत्या के मामले में बावलवाडा थाना क्षैत्र के काईफला सारोली निवासी आरोपी चेतन मीणा पिता सवजी को दोषी माना। न्यायाधीष ने आरोपी को आईपीसी की धारा 306 के अपराध में 10 वर्ष के कठोर कारावास व 25 हजार रूपये अर्थदण्ड की सजा दी। अपर लोक अभियोजक नाहरसिंह चूंडावत ने 9 गवाह व 22 साक्ष्य दस्तावेज पेष किये। इसमें खुद को फांसी लगाने से पूर्व मृतका के हाथ का लिखा सुसाईड नोट अहम दस्तावेज रहा। पुलिस ने इसे एफएसएल से जांच कराकर मृतका की हस्तलिपि प्रमाणित कराई।
सुसाईड नोट में लिखा था: चेतन ने जिंदगी बर्बाद कर दी
स्कुल संचालिका शेबा ने 8 जुलाई 2014 की रात को अपने बोहरवाडी स्थित निजी स्कुल परिसर में आत्महत्या कर ली थी। अगले दिन सुबह मामले का पता

लगने पर पिता सीजे सेम्युअल और पुलिस मोके पर पहूंची। मृतका के पिता ने पुलिस को रिपोर्ट के साथ मौके से मिला सुसाईड नोट दिया था। जिसमें मृतका ने आरोपी चेतन पर प्रेम जाल में फांस कर जिंदगी बर्बाद कर देने की बातें लिखी गई थी। उसमें उसने चेतन से परेषान हो जाने की बात भी बताई थी। नोट में अपने पिता से माफी भी मांगी थी। जिसके आधार पर तत्कालीन थानाधिकारी हेरंब जोषी ने शुरूआती जांच में ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मृतका के पिता का उदयपुर में भी निजी स्कुल है। जहां पूर्व में चेतन चालक की नौकरी करता था।

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