भाजपा नेता की हत्या के तीनों दोषियों को आजीवन कारावास
प्लाॅट की रजिस्ट्री के बहाने बुलाकर टेंट हाउस के हथोडे से थी हत्या
सलूंबर। गुडेल निवासी भाजपा नेता माधुसिंह राठौड पिता कानसिंह की 5 साल पूर्व हुई हत्या के मामले में शुक्रवार को स्थानीय एडीजे कोर्ट ने अपना निर्णय दे दिया। न्यायाधीश कैलाश चंद्र मिश्रा ने आरोपी बारापाल खजुरी हाल मुकाम आवरीमाता काॅलोनी सेन्ट्रल एरिया उदयपुर निवासी योगेष वडेरा, उपेंद्र उर्फ सोनू मीणा व गुडेल निवासी बंशीलाल नागदा को भादस की धारा 302/34, 201/34, 120 बी का दोषी करार दिया। जिस पर तीनों को आजीवन कारावास के साथ ही दस-दस हजार रूपये के अर्थदण्ड के आदेश दिए। कोर्ट में सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक नाहरसिंह चूंडावत ने आरोपियों के खिलाफ जुर्म साबित करने के लिए 52 गवाह तथा 120 साक्ष्य दस्तावेज पेश किए गए। मृतक परिवादी की ओर से सोहनलाल चैधरी ने पैरवी की।उदयपुर में हत्या कर सलूंबर लाए थे शव:
मृतक माधुसिंह भाजपा की गुडेल इकाइ के अध्यक्ष थे। उनकी गांव के ही दुकानदार बंशीलाल नागदा की दुकान पर आने वाले योगेश से पहचान हुई और उदयपुर में एक प्लाॅट माधुसिंह को दिलाना तय हुआ। इसके एवज में योगेश ने मृतक से अलग-अलग किश्तों में साढे छह लाख रूपये ले लिए जबकि उसके पास ऐसा कोई प्लाॅट नहीं था। मृतक द्वारा योगेश व बंशीलाल पर प्लाॅट की रजिस्टी करवाने अथवा राशि वापस लौटाने का लगातार दबाव बनाया जा रहा था। माधुसिंह द्वारा किये जाने वाले रूपये या रजिस्टी के तकाजे से आरोपी आजीज हो चुके थे। जिसके चलते माधुसिंह की हत्या की साजिश रचकर रास्ते से ही हटाने का निर्णय लिया। माधुसिंह को आरोपियों ने फोन कर 1 मार्च 2013 को रजिस्टी कराने के बहाने उदयपुर बुलाया। जहां टेंट हाउस की दुकान पर माधुसिंह को धोखे से तसल्ली से कुर्सी पर बिठाकर योगेश व सोनू ने भारी भरकम हथोडे से सिर पर वार कर हत्या कर दी।
मृतक व आरोपी बंशीलाल के संयुक्त स्वामित्व का उदयपुर में एक प्लाॅट है। जिसे भी बंशीलाल पूरा हडपना चाहता था इसलिए वह भी हत्या की साजिश में शामिल हुआ। हत्या के बाद आरोपी बंशीलाल की मारूती वेन से मुल्जिम रात को शव व मृतक की मोटर साईकिल लेकर सलूंबर पहुंचे। यहां बांसवाडा रोड स्थित गणेश घाटी क्षैत्र में आरोपी ने हत्या को दुर्घटना का रूप देने की नियत से शव व मोटर साईकिल छोड कर भाग गए। अगले दिन सुबह लावारिश शव पडा होने की सूचना पर सनसनी फैल गई। शव की शिनाख्त के बाद मृतक के परिजनों, भाजपा कार्यकर्ताओं व राजपूत समाज ने हत्या की आशंका जताते हुए प्रदर्शन कर चक्काजाम कर दिया था। उदयपुर से पुलिस के आला अधिकारी अतिरिक्त जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति संभाली। फोरेंसिक टीम व डाॅग स्क्वायड ने भी मौका मुआयना कर आवश्यक कार्यवाही की थी। तत्कालीन थानाधिकारी गजेंद्रसिंह राव ने मृतक की काॅल डिटेल खंगाली जिसमें आरोपियों व मृतक के बीच बडा कनेक्शन मिला। पुलिस की कडी पुछताछ के बाद आरोपियों ने हत्या की बात स्वीकार कर ली।
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